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पहाण मोह चेतसिक

पहाण मोह चेतसिक

पहाण मोह चेतसिक (अभिधम्मपिटक – धम्मसंगिनि निक्खेपकण्ड 1106, 12)

  हम अभिवादन करते है मोह चेतसिक को नष्ट करने के लिए

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पहाण विचिकिच्छा चेतसिक

पहाण विचिकिच्छा चेतसिक

पहाण विचिकिच्छा चेतसिक

                        (अभिधम्म पिटक-धम्मसंगिनि-निक्खेपकण्डं 1008) दुकनि... Read More...

दंदकम्म दस सिक्खापद:-

दंदकम्म दस सिक्खापद:-

दंदकम्म दस सिक्खापद:-

1. विकालभोजनो होति—12 बजे के बाद भोजन करना।

2.नच्च गीत वदितविस्सूक दस्सनो होति—नृत्य व मनोरंजन आदि में शामिल होना।

3. मालागन्ध विलेपन धारण मण्डन विभूसनट्ठानो होति&mda... Read More...

लिंगानासना दस सिक्खापद:-

लिंगानासना दस सिक्खापद:-

लिंगानासना दस सिक्खापद:-

1. पाणातिपाती होति--जीवों (सुक्क) को मारना या अब भी ऐसा व्यवहार।  

2. अदिन्नादाना होति—चोरी करना (5 मासक = 2.90 रूपये)

3. अब्रह्मचारी होति—व्याभिचार करना... Read More...

मृत पूर्वजों (स्वर्गवासियों) के लिए सर्वोच्च उपहार

मृत पूर्वजों (स्वर्गवासियों) के लिए सर्वोच्च उपहार

मृत पूर्वजों (स्वर्गवासियों) के लिए सर्वोच्च उपहार

 बुद्ध कहते हैं कि सबसे बड़ा उपहार अपने मृत पूर्वजों को प्रदान कर सकते वो है ' कुसल कर्म करना उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग दान देते, उनके कर्मों का फल उनके पूर्वजों को भी प्राप्... Read More...